ग्रेट अंडमानी जनजाति: समाज का सम्पूर्ण परिचय एवं परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण जानकारी

 ग्रेट अंडमानी जनजाति समाज की जनसंख्या, संस्कृति, परंपरा, रहन-सहन, खानपान, भाषा, शिक्षा, व्यवसाय और अंडमान-निकोबार की जनजातियों की पूरी जानकारी पढ़ें।



अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह भारत के दक्षिण-पूर्वी समुद्री क्षेत्र में स्थित एक महत्वपूर्ण संघ राज्य क्षेत्र है। यह क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ प्राचीन आदिवासी एवं जनजातीय समाजों के लिए भी जाना जाता है।

ग्रेट अंडमानी जनजाति (Great Andamanese Tribe) अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के सबसे प्राचीन और विशिष्ट आदिवासी समुदायों में से एक है। यह समुदाय लंबे समय तक अंडमान द्वीपसमूह के विभिन्न हिस्सों में प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर रहते हुए अपना जीवन व्यतीत करता रहा।

इतिहास में ग्रेट अंडमानी समुदाय की आबादी काफी अधिक थी, लेकिन औपनिवेशिक काल में बाहरी संपर्क, संघर्ष, विस्थापन और विशेष रूप से संक्रामक बीमारियों के कारण इनकी संख्या में बहुत बड़ी गिरावट आई। अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के अनुसार 1789 में इनकी अनुमानित संख्या लगभग 10,000 थी, जो 1901 में घटकर 625 और 1969 तक केवल 19 रह गई थी। बाद में प्रशासन द्वारा इनके संरक्षण और पुनर्वास के प्रयास किए गए।

आज ग्रेट अंडमानी समुदाय मुख्य रूप से स्ट्रेट आइलैंड (Strait Island) में रहता है और प्रशासन द्वारा इनके सामाजिक, स्वास्थ्य, शैक्षणिक तथा सांस्कृतिक संरक्षण के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाए जाते हैं।

ग्रेट अंडमानी जनजाति : महत्वपूर्ण तथ्य

ग्रेट अंडमानी जनजाति एक नजर में

विषय जानकारी
जनजाति का नाम ग्रेट अंडमानी
अंग्रेजी नाम Great Andamanese
क्षेत्र अंडमान द्वीप समूह
वर्तमान प्रमुख निवास स्ट्रेट आइलैंड
जनजातीय श्रेणी अनुसूचित जनजाति (ST)
PVTG हाँ
2011 जनगणना 44
फरवरी 2025 प्रशासनिक आंकड़ा 58
पारंपरिक जीवन शिकारी-संग्राहक
प्रमुख पारंपरिक व्यवसाय शिकार, मछली पकड़ना, खाद्य संग्रह
पारंपरिक भोजन मछली, कछुआ, केकड़ा, जड़-कंद, समुद्री जीव आदि
वर्तमान आजीविका खेती, बागवानी, पोल्ट्री, रोजगार आदि
प्रमुख संरक्षण क्षेत्र संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आत्मनिर्भरता
📌 महत्वपूर्ण जानकारी:
2011 का जनसंख्या आंकड़ा भारत सरकार के PIB में प्रकाशित जनगणना-आधारित आंकड़ों से संबंधित है, जबकि 58 का आंकड़ा फरवरी 2025 के अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के स्वास्थ्य विभाग के प्रशासनिक विवरण से संबंधित है। दोनों आंकड़ों की प्रकृति अलग होने के कारण इन्हें सीधे जनसंख्या वृद्धि के रूप में नहीं पढ़ना चाहिए।


ग्रेट अंडमानी जनजाति : महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उत्तर

प्रश्न उत्तर
1. ग्रेट अंडमानी जनजाति कहाँ निवास करती है? स्ट्रेट आइलैंड, अंडमान
2. Great Andamanese का हिंदी नाम क्या है? ग्रेट अंडमानी
3. ग्रेट अंडमानी किस प्रकार की जनजाति है? अनुसूचित जनजाति
4. क्या ग्रेट अंडमानी PVTG है? हाँ
5. 2011 में ग्रेट अंडमानी की जनसंख्या कितनी थी? 44
6. फरवरी 2025 में प्रशासनिक आंकड़े के अनुसार जनजातीय आबादी कितनी थी? 58
7. ग्रेट अंडमानी का पारंपरिक व्यवसाय क्या था? शिकार एवं खाद्य संग्रह
8. मछली पकड़ना इनके जीवन का हिस्सा रहा है? हाँ
9. इनका वर्तमान प्रमुख पुनर्वास क्षेत्र कौन सा है? स्ट्रेट आइलैंड
10. इनके पारंपरिक भोजन में क्या शामिल था? मछली, कछुआ, केकड़ा, जड़-कंद आदि
11. वर्तमान में कौन-कौन सी आत्मनिर्भर गतिविधियाँ बढ़ाई जा रही हैं? सब्जी खेती, बागवानी, पोल्ट्री आदि
12. ग्रेट अंडमानी समुदाय के संरक्षण की आवश्यकता क्यों है? अत्यंत कम जनसंख्या और सांस्कृतिक संवेदनशीलता के कारण
13. ग्रेट अंडमानी किस द्वीप समूह से संबंधित है? अंडमान द्वीप समूह
14. 1789 में इनकी अनुमानित आबादी कितनी थी? लगभग 10,000
15. 1969 में इनकी संख्या कितनी रह गई थी? लगभग 19
📌 महत्वपूर्ण जानकारी:
जनसंख्या से संबंधित अलग-अलग वर्षों के आंकड़ों की प्रकृति अलग हो सकती है। 2011 का आंकड़ा जनगणना-आधारित है, जबकि फरवरी 2025 का 58 का आंकड़ा प्रशासनिक विवरण से संबंधित है। ऐतिहासिक आंकड़ों में कुछ संख्या अनुमानित भी हो सकती है।


ग्रेट अंडमानी जनजाति कौन है?

ग्रेट अंडमानी वास्तव में अंडमान के ऐतिहासिक रूप से अनेक स्थानीय समूहों का व्यापक समुदाय है। सरकारी जनगणना स्रोतों में अंडमानी समूह के अंतर्गत Chariar, Chari, Kora, Tabo, Bo, Yere, Kede, Bea, Balawa, Bojigiyab, Juwai और Kol जैसे नाम दर्ज किए गए हैं। 2011 की जनगणना में इस समूह की कुल संख्या 44 दर्ज की गई थी।

इसे अंग्रेजी में सामान्यतः Great Andamanese कहा जाता है।

प्रमुख नाम

  • ग्रेट अंडमानी
  • अंडमानी
  • Great Andamanese
  • Andamanese

ग्रेट अंडमानी जनजाति कहाँ रहती है?

वर्तमान समय में ग्रेट अंडमानी समुदाय की मुख्य बसावट स्ट्रेट आइलैंड (Strait Island) में है।

अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के अनुसार प्रशासन ने इस समुदाय को एक छोटे द्वीप स्ट्रेट आइलैंड में पुनर्वासित किया है।

ग्रेट अंडमानी जनजाति की जनसंख्या

2011 की जनगणना के अनुसार अंडमानी (Andamanese) समूह की जनसंख्या 44 दर्ज की गई थी।

हालांकि वर्तमान प्रशासनिक आंकड़े इससे अलग हैं। अंडमान एवं निकोबार स्वास्थ्य विभाग की फरवरी 2025 की जानकारी के अनुसार ग्रेट अंडमानी समुदाय की वर्तमान जनजातीय आबादी 58 बताई गई है; इसी विवरण में गैर-जनजातीय सदस्यों के समुदाय में विवाह के कारण अलग संख्या का भी उल्लेख है। 

जनसंख्या में ऐतिहासिक गिरावट

ग्रेट अंडमानी जनजाति की जनसंख्या में ऐतिहासिक परिवर्तन

अंडमान एवं निकोबार प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार ग्रेट अंडमानी जनजाति की अनुमानित/दर्ज जनसंख्या में समय के साथ काफी परिवर्तन हुआ है।
वर्ष अनुमानित/दर्ज जनसंख्या
1789 लगभग 10,000
1901 625
1969 19
1971 24
1999 41
2011 44
📌 महत्वपूर्ण जानकारी:
1789 से 1969 के बीच ग्रेट अंडमानी जनजाति की संख्या में अत्यधिक गिरावट दर्ज की गई। प्रशासन ने इसके पीछे औपनिवेशिक काल के प्रभावों, बीमारियों तथा अन्य ऐतिहासिक परिस्थितियों को महत्वपूर्ण माना है।
ℹ️ ध्यान दें:
अलग-अलग वर्षों के आंकड़ों की प्रकृति अलग हो सकती है। कुछ आंकड़े अनुमानित हैं, जबकि कुछ जनगणना अथवा प्रशासनिक आंकड़ों पर आधारित हैं। इसलिए इन आंकड़ों को उनके संबंधित ऐतिहासिक संदर्भ में पढ़ना उचित है।

ग्रेट अंडमानी जनजाति की प्रमुख विशेषताएँ

क्रम प्रमुख विशेषता
1 ग्रेट अंडमानी अंडमान का प्राचीन आदिवासी समुदाय है
2 वर्तमान प्रमुख बसावट स्ट्रेट आइलैंड है
3 इसे PVTG श्रेणी में शामिल किया गया है
4 पारंपरिक जीवन प्रकृति और प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित था
5 शिकार एवं खाद्य संग्रह पारंपरिक जीवन का हिस्सा रहे हैं
6 समुद्री संसाधनों का इनके जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रहा है
7 ऐतिहासिक रूप से इनकी जनसंख्या में भारी गिरावट आई
8 वर्तमान में प्रशासन इनके संरक्षण के लिए विभिन्न कार्यक्रम चला रहा है
9 समुदाय में पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है
10 शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है
📌 महत्वपूर्ण जानकारी:
ग्रेट अंडमानी समुदाय अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में पाई जाने वाली विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG – Particularly Vulnerable Tribal Group) की श्रेणी में शामिल है।

ग्रेट अंडमानी जनजाति की संस्कृति

ग्रेट अंडमानी संस्कृति का पारंपरिक स्वरूप प्रकृति और सामुदायिक जीवन से जुड़ा रहा है।

इनके जीवन में समुद्र, जंगल, वन्य जीव और प्राकृतिक खाद्य संसाधनों की महत्वपूर्ण भूमिका थी।

परंपरागत रूप से इनके सांस्कृतिक जीवन में—

  • सामुदायिक संबंध
  • शिकार
  • मछली पकड़ना
  • खाद्य संग्रह
  • समुद्री संसाधनों का उपयोग
  • लोक परंपराएँ
  • मौखिक ज्ञान
  • पारंपरिक औषधीय ज्ञान

का महत्व रहा है।

हालांकि लंबे समय तक बाहरी संपर्क और जनसंख्या में भारी कमी के कारण पारंपरिक संस्कृति के अनेक पहलू कमजोर हुए हैं।

अंडमान के पुराने जनगणना अभिलेख भी बताते हैं कि समय के साथ इनके कई पारंपरिक रीति-रिवाज और सामाजिक-सांस्कृतिक व्यवहार कमजोर या विलुप्त होने लगे।


ग्रेट अंडमानी जनजाति की भाषा

ग्रेट अंडमानी समुदाय की भाषाई परंपरा अत्यंत महत्वपूर्ण है।

ऐतिहासिक रूप से ग्रेट अंडमानी समुदाय के अलग-अलग समूहों की अपनी-अपनी भाषाई/बोली संबंधी परंपराएँ थीं। विभिन्न समूहों के बीच भाषाई अंतर भी पाए जाते थे।

जनसंख्या में अत्यधिक कमी और विभिन्न समूहों के एक साथ आने के कारण इनकी पारंपरिक भाषाई विविधता पर गहरा प्रभाव पड़ा।

आज ग्रेट अंडमानी समुदाय की भाषाई विरासत को संरक्षित करना इनके सांस्कृतिक संरक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा है।


ग्रेट अंडमानी जनजाति का रहन-सहन

परंपरागत रूप से ग्रेट अंडमानी लोग घुमंतू/अर्ध-घुमंतू शिकारी-संग्राहक जीवन से जुड़े रहे थे।

वे अपने पर्यावरण के अनुसार स्थान बदलते हुए—

  • मछली पकड़ते थे,
  • शिकार करते थे,
  • जंगली फल एवं कंद-मूल एकत्र करते थे,
  • समुद्री जीवों का उपयोग करते थे,
  • जंगल से विभिन्न खाद्य एवं उपयोगी वस्तुएँ प्राप्त करते थे।

आज उनका जीवन पहले की तुलना में काफी बदल गया है।

स्ट्रेट आइलैंड में स्थायी बसावट, सरकारी सहायता, शिक्षा, आधुनिक भोजन, स्वास्थ्य सेवाएँ तथा रोजगार के अवसरों ने उनके जीवन को प्रभावित किया है।


ग्रेट अंडमानी जनजाति का पारंपरिक खानपान

ग्रेट अंडमानी लोगों की पारंपरिक खाद्य व्यवस्था आसपास के जंगल और समुद्र पर आधारित थी।

अंडमान प्रशासन के अनुसार उनके पारंपरिक भोजन में निम्न शामिल रहे हैं:

  • मछली
  • डुगोंग
  • कछुआ
  • कछुए के अंडे
  • केकड़ा
  • जड़ एवं कंद
  • समुद्री जीव
  • ऑक्टोपस
  • विभिन्न शंख/मोलस्क
  • जंगली सूअर
  • अंडमान वाटर मॉनिटर लिजर्ड

वर्तमान खानपान

आज ग्रेट अंडमानी समुदाय पारंपरिक भोजन के साथ-साथ आधुनिक खाद्य पदार्थों का भी सेवन करता है।

प्रशासनिक स्रोत के अनुसार वर्तमान भोजन में—

  • चावल
  • दाल
  • रोटी
  • मसालेदार भोजन
  • सब्जियाँ
  • अन्य आधुनिक खाद्य पदार्थ

शामिल हो गए हैं।


ग्रेट अंडमानी जनजाति के पारंपरिक व्यवसाय

ग्रेट अंडमानी समुदाय की पारंपरिक अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से शिकार, मछली पकड़ने और खाद्य संग्रह पर आधारित थी।

पारंपरिक व्यवसाय

  1. शिकार
  2. मछली पकड़ना
  3. खाद्य संग्रह
  4. समुद्री जीवों का संग्रह
  5. जंगली फल एवं कंद-मूल संग्रह
  6. वन संसाधनों का उपयोग

अंडमान प्रशासन के अनुसार आज भी समुदाय के कुछ सदस्य शिकार और संग्रह जैसी पारंपरिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं।


वर्तमान समय में आजीविका

समय के साथ ग्रेट अंडमानी समुदाय की आजीविका में परिवर्तन आया है।

वर्तमान में प्रशासन द्वारा समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

इनमें शामिल हैं—

  • सब्जी की खेती
  • बागवानी
  • नारियल की खेती
  • पोल्ट्री फार्म
  • रोजगार
  • शिक्षा
  • कौशल विकास

अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के एक आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार समुदाय के कुछ सदस्य प्रशासन के विभिन्न विभागों में भी कार्यरत हैं।


ग्रेट अंडमानी जनजाति और शिक्षा

आधुनिक समय में शिक्षा समुदाय के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।

प्रशासन द्वारा बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। फरवरी 2025 के प्रशासनिक विवरण में ग्रेट अंडमानी समुदाय के बच्चों के शिक्षा प्राप्त करने तथा पोर्ट ब्लेयर और स्ट्रेट आइलैंड में अध्ययन की जानकारी दी गई है।

शिक्षा के साथ-साथ समुदाय के पारंपरिक ज्ञान और संस्कृति को सुरक्षित रखना भी महत्वपूर्ण है।

इसी कारण प्रशासन द्वारा युवा पीढ़ी को पारंपरिक संस्कृति और ज्ञान से परिचित कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।


ग्रेट अंडमानी जनजाति और स्वास्थ्य

इतनी छोटी आबादी वाले समुदाय के लिए स्वास्थ्य संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है।

अंडमान एवं निकोबार स्वास्थ्य विभाग के अनुसार PVTG समुदायों में विभिन्न संक्रामक और अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ चिंता का विषय रही हैं। विभाग द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिविरों और अन्य स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रमों पर जोर दिया जाता है।

ग्रेट अंडमानी समुदाय के लिए आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ उनके पारंपरिक ज्ञान को भी संरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।


ग्रेट अंडमानी जनजाति के संरक्षण के प्रयास

ग्रेट अंडमानी समुदाय की अत्यंत कम जनसंख्या को देखते हुए इसका संरक्षण बहुत महत्वपूर्ण है।

प्रशासन द्वारा निम्न क्षेत्रों में कार्य किया जा रहा है—

1. संस्कृति का संरक्षण

पुराने सांस्कृतिक ज्ञान और पारंपरिक कौशल को दस्तावेजीकृत करने का प्रयास किया जा रहा है।

2. शिक्षा

बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के साथ-साथ पारंपरिक संस्कृति से परिचित कराने पर जोर है।

3. स्वास्थ्य

चिकित्सा सुविधाएँ एवं स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते हैं।

4. आत्मनिर्भरता

सब्जी उत्पादन, बागवानी, नारियल एवं पोल्ट्री जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

5. रोजगार

समुदाय के सदस्यों को सरकारी विभागों में रोजगार से जोड़ने के प्रयास किए गए हैं।

इन संरक्षण एवं विकास गतिविधियों का उद्देश्य समुदाय को बाहरी निर्भरता से धीरे-धीरे अधिक आत्मनिर्भर बनाना और उनकी सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखना है।


ग्रेट अंडमानी जनजाति के सामने प्रमुख चुनौतियाँ

ग्रेट अंडमानी समुदाय की वर्तमान स्थिति को समझने के लिए इसकी प्रमुख चुनौतियों को जानना भी आवश्यक है।

प्रमुख चुनौतियाँ

  • बहुत कम जनसंख्या
  • पारंपरिक भाषा का संरक्षण
  • सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण
  • आधुनिक जीवन और पारंपरिक जीवन के बीच संतुलन
  • स्वास्थ्य संबंधी जोखिम
  • युवा पीढ़ी को पारंपरिक ज्ञान से जोड़ना
  • आत्मनिर्भरता बढ़ाना
  • बाहरी समाज के प्रभाव से सांस्कृतिक पहचान की रक्षा

इस समुदाय के संरक्षण में केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि भाषा, संस्कृति, पारंपरिक ज्ञान और सामुदायिक पहचान को सुरक्षित रखना भी आवश्यक है।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. ग्रेट अंडमानी जनजाति कहाँ रहती है?

ग्रेट अंडमानी समुदाय वर्तमान में मुख्य रूप से स्ट्रेट आइलैंड में रहता है।

2. ग्रेट अंडमानी जनजाति की 2011 में जनसंख्या कितनी थी?

2011 की जनगणना के अनुसार अंडमानी समूह की जनसंख्या 44 थी।

3. ग्रेट अंडमानी जनजाति की वर्तमान जनसंख्या कितनी है?

अंडमान एवं निकोबार स्वास्थ्य विभाग के फरवरी 2025 के प्रशासनिक आंकड़े में ग्रेट अंडमानी जनजातीय आबादी 58 बताई गई है।

4. ग्रेट अंडमानी जनजाति का पारंपरिक व्यवसाय क्या है?

इनकी पारंपरिक आजीविका मुख्य रूप से शिकार, मछली पकड़ने और खाद्य संग्रह पर आधारित रही है।

5. ग्रेट अंडमानी जनजाति का प्रमुख भोजन क्या है?

पारंपरिक रूप से मछली, कछुआ, कछुए के अंडे, केकड़े, जड़-कंद और अन्य समुद्री एवं वन संसाधन इनके भोजन का हिस्सा रहे हैं।

6. क्या ग्रेट अंडमानी PVTG है?

हाँ। ग्रेट अंडमानी अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह की विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) श्रेणी में शामिल है।

7. ग्रेट अंडमानी जनजाति की जनसंख्या में इतनी कमी क्यों हुई?

औपनिवेशिक काल में बाहरी संपर्क, संघर्ष, विस्थापन और संक्रामक बीमारियों सहित अनेक ऐतिहासिक कारणों से इनकी आबादी में भारी गिरावट आई।

8. ग्रेट अंडमानी जनजाति के संरक्षण के लिए क्या किया जा रहा है?

सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, संस्कृति संरक्षण, बागवानी, सब्जी उत्पादन और पोल्ट्री जैसी आत्मनिर्भर गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।


निष्कर्ष

ग्रेट अंडमानी जनजाति भारत की अत्यंत महत्वपूर्ण आदिवासी विरासत का हिस्सा है। यह समुदाय अंडमान द्वीप समूह के प्राचीन निवासियों में से एक है और इसकी वर्तमान आबादी बहुत कम है। ऐतिहासिक परिस्थितियों के कारण इसकी जनसंख्या में भारी गिरावट आई, लेकिन आज सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति संरक्षण और आत्मनिर्भरता के माध्यम से समुदाय को संरक्षित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

इसलिए ग्रेट अंडमानी जनजाति का अध्ययन केवल आदिवासी संस्कृति के दृष्टिकोण से ही नहीं, बल्कि Tribal GK, Andaman Nicobar GK, PVTG और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी महत्वपूर्ण है।


स्रोत / References

  1. अंडमान एवं निकोबार प्रशासन — UT Profile एवं Great Andamanese संबंधी आधिकारिक जानकारी
  2. अंडमान एवं निकोबार स्वास्थ्य विभाग — Tribal Health / PVTG जानकारी
  3. भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय — Scheduled Tribes Statistics एवं PVTG Resources
  4. Press Information Bureau, Government of India — Census 2011 के आधार पर A&N Islands की जनजातिवार जनसंख्या
  5. Census of India — ऐतिहासिक जनजातीय अभिलेख
  6. Andaman & Nicobar Administration — Andamanese Welfare/Development संबंधी आधिकारिक दस्तावेज



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